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देसी घी, फोटो - सौजन्य - विकिपीडिया

‘देसी घी’ के लाभ के बारे में जागरूक हो रहे भारतीय

दिल्ली के रहने वाले एस.राहुल के परिवार के सभी सदस्य अपनी सेहत को लेकर बेहद सचेत हैं और शायद यही वजह है कि खाना पकाने के मामले में इस परिवार में अन्य किसी भी किस्म के तेल की तुलना में जैतून के तेल या ऑलिव ऑयल को पहली प्राथमिकता दी जाती थी। हालांकि तीन साल पहले इस परिवार ने ऑलिव ऑयल की जगह देसी घी को अपनाना शुरू कर दिया, क्योंकि कथित तौर पर इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं।

एस.राहुल का परिवार ही केवल ऐसा नहीं है, बल्कि आज के जमाने में कई ऐसे आधुनिक परिवार हैं जो खाना पकाने की इस पुरानी शैली को अपना रहे हैं। यहां तक कि डॉक्टर और न्यूट्रीशियनिस्ट भी इस बात से सहमत हैं कि अगर समुचित मात्रा में देसी घी का सेवन किया जाए तो यह हड्डियों और रोध प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की चीफ क्लीनिकल न्यूट्रीशियनिस्ट प्रियंका रोहतगी ने आईएएनएस को बताया, “भारतीय समाज में देसी घी को बेस्ट इम्युनिटी बूस्टर में से एक माना जाता है। यह हमारी आंखों, पाचन तंत्र के लिए लाभदायक है और यहां तक कि यह हड्डियों को भी मजबूत बनाता है। देसी घी से स्किन और बाल भी अच्छे होते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा, “यह एक बेहतरीन एंटीबायोटिक है जो सर्दी-खांसी के दौरान मददगार है। इसका उपयोग घावों को भरने के लिए भी किया जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान देसी घी मां और बच्चे दोनों को पोषण प्रदान करता है, क्योंकि उन्हें इसकी ज्यादा जरूरत रहती है।”

बहरहाल, राहुल ने किसी डॉक्टर या न्यूट्रीशियनिस्ट के सुझाव पर देसी घी को नहीं अपनाया है, बल्कि उनका कहना है कि यूट्यूब में देसी घी के फायदों के ऊपर बने वीडियो को देखकर उन्होंने इसके इस्तेमाल का फैसला लिया है।

राहुल ने दावा किया, “हम पहले जैतून के तेल पर निर्भर थे, लेकिन अब हम देसी घी पर आ गए हैं, क्योंकि ये आपकी जेब पर भी भारी नहीं पड़ता है और इसके एंटी-इनफ्लैमेटरी तत्व स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे हैं। इसने मेरे सोरायसिस के लक्षणों को भी मिटा दिया है।”

उन्होंने आगे कहा, “देसी घी का उपयोग करने के बाद हमने देखा कि इसने वजन घटाने में भी हमारी मदद की है और मेरे माता-पिता ने भी अब जोड़ों के दर्द के बारे में शिकायत करना बंद कर दिया है।”

नोएडा के जेपी अस्पताल में कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर बी.एल.अग्रवाल ने आईएएनएस को बताया, “देसी घी में सैच्युरेटेड फैटी एसिड पाए जाते हैं और इसमें विटामिन ए, ई और के2 भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें कॉन्जुगेटेड लिनोलेइक एसिड और ब्यूटिरिक भी पाई जाती है और इन दोनों के कई शक्तिशाली स्वास्थ्य लाभ हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “एक सामान्य वयस्क प्रतिदिन 1-2 चम्मच घी का सेवन कर सकता/सकती है। व्यक्ति की दैनिक दिनचर्या के आधार पर भी इसकी मात्रा में थोड़ा-बहुत बदलाव किया जा सकता है।”

हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि लंबे समय तक इसकी अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि होती है, जिसके कई नुकसान हैं।

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