Sports

सचिन को क्रिकेट का एबीसीडी सिखाने वाले कोच आचरेकर का निधन

भारत रत्न और दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर तथा उनके दोस्त विनोद कांबली को क्रिकेट का गुर सिखाने वाले अनुभवी कोच रमाकांत आचरेकर का बुधवार को यहां निधन हो गया। आचरेकर के पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। आचरेकर 87 वर्ष के थे। उन्होंने अपने घर दादर में शाम पांच बजे अंतिम सांस ली।

आचरेकर को 1990 में द्रोणाचार्य अवार्ड और 2010 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

वर्ष 1932 में पैदा हुए आचरेकर ने 11 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। वह मुंबई के न्यू हिंद स्पोर्ट्स क्लब के साथ दो साल तक क्रिकेट खेले।

इसके अलावा उन्होंने यंग महाराष्ट्र एकादश, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट और 1963 में मोइनउद्यीन डोवला टूर्नामेंट में भी भाग लिया।

क्रिकेट खेलने के बाद उन्होंने कामथ मेमोरियल क्रिकेट क्लब (केएमसीसी) के नाम से शिवाजी पार्क में अपनी क्रिकेट अकादमी शुरू की, जिसे भारतीय क्रिकेट का नर्सरी कहा जाता है।

आचरेकर ने सचिन और कांबली के अलावा प्रवीण आमरे, अजीत अगरकर, बलविंदर सिंह संधु, समीर दिगे, चंद्रकांत पंडित, रमेश पोवार और कई अन्य क्रिकेटरों को कोचिंग दी।

‘क्रिकइंफो’ के अनुसार, कोच आचरेकर लंबे समय से बीमार चल रहे थे और 2013 में स्ट्रोक के बाद से वह चलने-फिरने में असमर्थ थे।

आचरेकर के निधन पर सचिन और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शोक व्यक्त किया है।

बीसीसीआई ने अपने शोक संदेश में कहा, “आचरेकर के निधन पर बीसीसीआई गहरा शोक व्यक्त करता है। उन्होंने न केवल महान क्रिकेट खिलाड़ियों को तराशा बल्कि उन्हें एक अच्छा इंसान बनने की भी शिक्षा दी। भारतीय क्रिकेट के लिए उनका योगदान अतुलनीय है।”

सचिन पिछले साल गुरु पूर्णिमा के दिन आचरेकर से मिलने उनके घर गए थे जहां उन्होंने उनसे आशीर्वाद ली थी।

सचिन ने आचरेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “आचरेकर सर की उपस्थिति से स्वर्ग में भी क्रिकेट समृद्ध होगा। अन्य छात्रों की तरह मैंने भी क्रिकेट की एबीसीडी सर के मार्गदर्शन में ही सीखी। मेरे जीवन में उनके योगदान को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने वह नींव रखी, जिस पर मैं खड़ा हूं।”

सचिन ने कहा, “मैं पिछले महीने सर एवं उनके कुछ छात्रों से मिला और उनके साथ समय बिताया। हमने पुरानी यादें साझा की और बहुत खुश हुए। मुझे आचरेकर सर ने सीधे बल्ले से खेलना और सादा जीवन जीना सिखाया। हमें अपने जीवन से जोड़ने और खेल के गुर सिखाने के लिए धन्यवाद।”

Tags
Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close