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तीसरी बार दिल्ली के मसनद में केजरीवाल

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यहां रामलीला मैदान में लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने 2013 में पहली बार तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराया था। केजरीवाल ने अपनी जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास के मुद्दे पर जीत की हैट्रिक लगाई है।

केजरीवाल के साथ उनके मंत्रिमंडल के छह सदस्यों ने भी शपथ ली। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सभी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

केजरीवाल ने इस बार नई दिल्ली विधानसभा सीट से भाजपा के सुनील यादव को 21,697 वोटों से शिकस्त दी है।

अरविंद केजरीवाल के बाद आप में नंबर दो की हैशियत रखने वाले मनीष सिसोदिया ने मंत्री के रूप में शपथ ली। सिसोदिया 2013, 2015 में पटपड़गंज से जीत दर्ज की थी और इस बार भी उन्होंने इसी विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की है। उन्होंने इसबार बेहद कड़े मुकाबले में भाजपा के रवि नेगी को 3207 वोटों से हराया।

सिसोदिया अपने दो पूर्व कार्यकाल में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री रहे हैं। सिसोदिया को मुख्यमंत्री केजरीवाल का सबसे करीबी माना जाता है। सिसोदिया ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए।

मनीष सिसोदिया के बाद सतेंद्र जैन ने मंत्री पद की शपथ ली। जैन 2013, 2015 और 2020 में शकूरबस्ती से विधायक बने। वह आप की दोनों सरकारों में स्वास्थ्य मंत्री रहे। मुफ्त इलाज के लिए मोहल्ला क्लीनिक के पीछे सतेंद्र जैन का ही दिमाग माना जाता है। विश्वभर के नेताओं द्वारा मोहल्ला क्लीनिक की प्रशंसा की जा चुकी है। 2020 के चुनाव में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 7,592 वोटों के अंतर से हराया।

सतेंद्र जैन के बाद गोपाल राय ने शपथ ली। गोपाल राय ने ईश्वर की जगह आजादी के शहीदों के नाम पर शपथ ली। गोपाल राय दिल्ली आप के अध्यक्ष (संयोजक) हैं। वह दिल्ली सरकार में श्रम और रोजगार मंत्री रहे हैं। 2011 में अन्ना आंदोलन से जुड़े और आप की कोर कमेटी के सदस्य बने। वह 2013 में चुनाव हार गए थे, लेकिन 2015 और 2020 में उन्होंने जीत दर्ज कराई है। इसबार उन्होंने 33,062 वोटों से भाजपा प्रत्याशी को हराया है।

गोपाल राय के बाद कैलाश गहलोत ने मंत्री के रूप में शपथ ली। 2015 और 2020 में वह जाट बहुल नजफगढ़ से विधायक बने। दिल्ली सरकार में कैलाश परिवहन मंत्री रह थे। उन्होंने दिल्ली की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सौगात दी है। उन्होंने इस बार एक कड़े मुकाबले में 6,231 वोटों से जीत दर्ज की है।

केजरीवाल कैबिने में अल्पसंख्यक चेहरे के तौर पर इमरान हुसैन ने मंत्री पद की शपथ ली। वह 2015 और 2020 में बल्लीमारान से विधायक चुने गए। 2015 के आखिर में वह दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री बने। इसबार उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को 36,172 वोटों से हराया।

इमरान हुसैन के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने केजरीवाल सरकार में कैबिनेट के मंत्री के तौर पर शपथ ली। राजेंद्र पाल गौतम ने तथागत बुद्ध के नाम पर शपथ ली। वह 2015 और 2020 में सीमापुरी से आप के विधायक बने। वह दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री थे। दिल्ली सरकार ने समाज कल्याण के क्षेत्र में कई बड़े काम किए हैं। इस चुनाव में राजेन्द्र पाल गौतम ने 56,108 वोटों से लोजपा के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराया है।

आप ने 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में कुल 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा को आठ सीटें मिली थीं। कांग्रेस 2015 की तरह इस बार भी अपना खाता नहीं खोल पाई।

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