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350 साल पुराणी खीर भवनी मेला रद्द

मंदिर में हालांकि पूजा आयोजित होगी और उसका वीडियो जम्मू-कश्मीर तथा देशभर के श्रद्धालुओं के लिए इंटरनेट पर अपलोड किया जाएगा।

श्रीनगर : जम्मू एंड कश्मीर धर्मार्थ ट्रस्ट के अनुसार, 30 मई को होने वाला वार्षिक खीर भवानी मेला और यात्रा कोरोनावायरस महामारी के कारण नहीं आयोजित होगा।

ट्रस्ट के अध्यक्ष मुबारक सिंह ने बुधवार को कहा कि धर्मार्थ परिषद ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए इस साल मेला और तीर्थयात्रा को रद्द करने का निर्णय लिया है।

सिंह ने कहा कि मंदिर में हालांकि पूजा आयोजित होगी और उसका वीडियो जम्मू-कश्मीर तथा देशभर के श्रद्धालुओं के लिए इंटरनेट पर अपलोड किया जाएगा।

प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में कश्मीरी पंडित यहां से 27 किलोमीटर दूर गांदरबल में आयोजित होने वाले खीर भवानी मेला में पहुंचते हैं। यह एक ऐसा धार्मिक उत्सव है, जहां हिदू लोग मंदिर में दर्शन-पूजन करते हैं, और मुस्लिम समुदाय के लोग पूजा सामग्री बेचने के लिए स्टाल लगाते हैं, और मेले के लिए बंदोबस्त करते हैं।

यह मेला घाटी में धार्मिक सद्भाव का प्रतीक है, जो 90 के दशक के प्रारंभ में तब छिन्न-भिन्न हो गया, जब कश्मीर में आतंकवाद पैदा होने के बाद पंडितों को घाटी से पलायन करना पड़ा था।

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