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प्रधानमंत्री ने उपवास कर कैसे बनाई कोरोना रणनीति

प्रधानमंत्री मोदी ने जहां कोरोना से प्रभावित कई प्रमुख राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन कर उनके यहां का हाल जाना, वहीं देश के प्रतिष्ठित डॉक्टरों और शीर्ष फार्मा कंपनियों से भी वीडियो कांफ्रेंसिंग की।

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सुबह से लेकर शाम तक कई बैठकें कर देश में कोविड 19 के खतरे को कम करने के लिए रणनीति बनाई। नवरात्र व्रत के सातवें दिन, उनकी व्यस्तता कुछ ज्यादा ही रही।

प्रधानमंत्री मोदी ने जहां कोरोना से प्रभावित कई प्रमुख राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन कर उनके यहां का हाल जाना, वहीं देश के प्रतिष्ठित डॉक्टरों और शीर्ष फार्मा कंपनियों से भी वीडियो कांफ्रेंसिंग की। इससे पूर्व वैक्सीनेशन पर एक अहम बैठक लेकर एक मई से 18 साल के ऊपर वाले सभी लोगों को टीका लगाने को मंजूरी दी।

प्रधानमंत्री मोदी की बैठकों का सिलसिला आज सुबह से ही शुरू हो गया था। उन्होंने पहले देश में कोरोना प्रभावित सभी राज्यों के हालात की समीक्षा की। हर जगह की रिपोर्ट चेक की। वहीं दिन में 11:30 बजे से वैक्सीनेशन पर अहम बैठक बुलाई। इसी बैठक में 18 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों के भी टीकाकरण को हरी झंडी दी गई।

उच्चस्तरीय सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वार्ता कर कोविड 19 से उत्पन्न हालात की जानकारी भी ली। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों को आश्वासन दिया कि ऑक्सीजन से लेकर वैक्सीन, दवाओं आदि किसी भी चीज की कमी नहीं होने दी जाएगी। संकट के समय केंद्र सरकार,राज्यों के साथ खड़ी है।

इसके बाद भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के मसले पर अहम बैठक की। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए इस बैठक में छोटी जनसभाओं का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि पार्टी की बंगाल में होने वाली सभाओं में पांच सौ से ज्यादा लोग नहीं रहेंगे। सोशल डिस्टैंसिंग, मास्क आदि कोविड 19 प्रोटोकॉल का सख्त पालन होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 मैनेजमेंट को लेकर शाम में दो महत्वपूर्ण बैठकें कीं। शाम साढ़े चार बजे उन्होंने देश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर उनके सुझाव लिए। डॉक्टरों ने कोरोना की दूसरी लहर के प्रभाव को लेकर अपने अनुभव बताए। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्च र को लेकर भी डॉक्टरों से प्रधानमंत्री मोदी ने चर्चा की। इसके बाद शाम छह बजे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की शीर्ष फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से मीटिंग शुरू की।

प्रधानमंत्री मोदी ने फार्मा कंपनियों से कहा कि किसी भी कीमत पर जीवनरक्षक दवाओं की कमी न होने पाए। उन्होंने जरूरी दवाओं के उत्पादन की क्षमता बढ़ाने का निर्देश दिए। यह भी कहा कि सरकार फार्मा कंपनियों की हर समस्या का समाधान करेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान मिलजुलकर कोविड-19 से लड़ाई की बात कही।

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