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हरिद्वार स्थित रामदेव के प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में आग, करोड़ों का नुकसान

यहां स्थित बाबा रामदेव के प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में रविवार को दोपहर बाद भीषण आग लग गयी। आग में पूरा चिकित्सा केंद्र स्वाहा हो गया। सन 2009 में बाबा रामदेव ने इस अत्याधुनिक और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के चिकित्सा केंद्र को 70 करोड़ की लागत से बनाया था। आग जंगल से आई चिंगारी से लगी मानी जा रही है।

रविवार रात आईएएनएस से फोन पर बात करते हुए बाबा रामदेव के प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला ने घटना की पुष्टि की है। साथ ही बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने अपने ट्विटर हैंडल पर भी हादसे की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, ‘आग हरिद्वार के योगग्राम स्थित प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में रविवार रात करीब आठ बजे (अब से कुछ देर पहले) लग।’

प्रत्यक्षदर्शियों ने आईएएनएस को बताया, “आग संभवतय: जंगल में इन दिनों लगी आग की चिंगारी पहुंचने से लगी है। क्योंकि जंगल और रामदेव के योगग्राम में ज्यादा फासला नहीं है। प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में आग की शुरूआत पहले कुछ कॉटेज से हुई। जब तक आग लगने का पता लगा तब तक आग पूरे योगग्राम में फैल गयी। आनन-फानन में घटना स्थल पर दमकल की गाड़ियां पहुंची। मगर आगर बुझाने के सभी प्रयास विफल रहे। देर रात करीब साढ़े नौ बजे खबर लिखे जाने तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका है।”

आईएएनएस से बातचीत में बाबाराम देव के प्रवक्ता तिजारावाल ने भी स्वीकार किया कि, “आग में पूरा योगग्राम आश्रम स्थित प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र फुंक गया। अब दमकल वाले सिर्फ आग और राख को शांत करने में लगे हैं। सब कुछ तबाह हो चुका है।”

अपने ट्विटर हैंडल पर रामदेव के सहयोगी और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के सर्वे-सर्वा बालकृष्ण ने भी एक वीडियो वायरल की है। जिसमें दिखाई दे रहा है कि आग कितनी भीषण थी। आग की आसमान छूती लपटें किसी को भी डराने के लिए काफी थीं।

आग की भीषणता के मद्देनजर काफी देर तक स्थानीय दमकल सेवा कर्मियों की भी हिम्मत जबाब दे गयी थी। वे मौके पर पहुंचते ही समझ चुके थे कि, योगग्राम में घास-फूंस से बनायी गयीं खुबसूरत झोपड़ियां कागज की मानिंद जलकर खाक में मिल चुकी हैं। इस बाबत फिलहाल अभी पुलिस में कोई शिकायत नहीं दी गयी है।

जानकारों के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस अत्याधुनिक प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र (योगग्राम) की स्थापना बाबा रामदेव ने सन 2009 में की थी। यहां चार सौ लोगों को एक साथ प्राकृतिक चिकित्सा लेने का इंतजाम था। सन 2009 में इसकी स्थापना पर करीब 70 करोड़ से ज्यादा खर्चा आया था। गनीमत यह रही कि लॉकडाउन की संभावना के चलते दो दिन पहले ही इस योगग्राम में मौजूद सैकड़ों लोगों को वहां से हटा लिया गया था, वरना आज हालात और ज्यादा भयावह हो सकते थे।

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