Friday , October 18 2019
Hurricane Florence
फाइल : तूफान फ्लोरेंस से तबाही, फोटो - आईएएनएस

तूफान डोरियन के बाद बहामास जाएगा नया तूफान

बहामास से तूफान डोरियन को गए सिर्फ दो सप्ताह हुए हैं और भारी बारिश तथा शक्तिशाली हवाओं के कारण नए तूफान ने दस्तक दे दी है। ऊष्णकटिबंधीय डिप्रेसन नाइन शुक्रवार रात ऊष्णकटिबंधीय तूफान हंबेटरे में बदल गया। नेशनल हरीकेन सेंटर के अनुसार, यह फिलहाल डोरियन से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए द्वीपों में से एक ग्रेट अबाको द्वीप की ओर बढ़ रहा है।

तूफान डोरियन श्रेणी-5 के तूफान के रूप में एक सितंबर को बहामास पहुंचा था। डोरियन बहामास के सबसे शक्तिशाली अटलांटिक तूफानों में से है और इसकी रफ्तार 298 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो जाती है। इस तूफान में 50 लोगों की मौत हो गई थी और सफाई अभियान अभी भी जारी रहने के कारण मृतकों की संख्या अभी भी बढ़ सकती है।

तूफान के बाद बहामास में 1,300 लोग लापता हो गए हैं, वहीं कम से कम 15,000 लोगों को अभी भी घर, खाना और स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है।

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, हंबेटरे के कारण द्वीपों पर शक्तिशाली हवा और मूसलाधार बारिश हो रही है, और कुछ क्षेत्रों में तो 15 सेंटीमीटर (छह इंच) तक बारिश और 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तूफान से बाढ़ आने से उनके बचाव तथा राहत कार्य प्रभावित होंगे।

राष्ट्रीय आपातकाल प्रबंधन एजेंसी (नेमा) के कार्ल स्मिथ ने संवाददाताओं से कहा कि तूफान के कारण लापता चल रहे लोगों के लिए चल रहा तलाशी अभियान प्रभावित हो सकता है और डोरियन से सबसे ज्यादा त्रस्त ग्रांड बहामा और ग्रेट अबाको में आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि इससे प्रभाव ना पड़े। हमने आने वाले संभावित खतरे से निपटने के लिए एहतियातन कदम उठाए हैं।”

यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट ने कहा कि गुरुवार को अमेरिका ने बहामास को एक बार फिर सहयोग के लिए 40 लाख डॉलर देने की घोषणा की। धन का इस्तेमाल आश्रय, भोजन, दवा और पेयजल उपलब्ध कराने में किया जाएगा।

इन दोनों द्वीपों से लगभग 5,000 लोगों को न्यू प्रोविंस भेज दिया गया है, जहां देश की राजधानी नसाऊ स्थित है।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने शुक्रवार को बहामास का दौरा किया और कहा कि दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन के कारण इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाएं और गंभीर हो रही हैं और बार-बार आ रही हैं।

उन्होंने वैश्विक नेताओं से इसके प्रभावों को जितना हो सके, उतना कम करने का आग्रह किया है।

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